Header Ads

Sugar ka Desi Ilaj - शुगर का 100 प्रतिशत इलाज

  दोस्तों  इस लेख में , मैं आपको Sugar Ka Desi Ilaj बताने जा रहा हूँ , देखिये इस बीमारी के किसी भी स्टेज पर आप हो सकते हैं , इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है , बसरते आप अगर हमारे द्वारा बताई गयी दवाइयां घर पर बना कर ,पूरे परहेज के साथ चलते हैं और अपना दिमाग न चला कर हमारी सभी बातों को मान कर चलते हैं ,तो आप 2 महीने में खुद हमारा धन्यवाद करते करते नहीं थकोगे ,हम आपको सारी जानकारी देंगे की आपको कैसे दवा लेनी है, कैसे परहेज करने हैं , पूरी दिनचर्या आप ध्यान देना होगा यह दवा 100 - 150 लोगों को हमारे द्वारा दी गयी , जिन मरीजों ने अच्छे से परहेज के साथ दवा का सेवन किया आज वो पूरी तरह स्वस्थ हैं ,तो चलिए शुरू करते हैं 

Sugar ka Desi Ilaj - शुगर का 100 प्रतिशत इलाज
Sugar ka Desi Ilaj - शुगर का 100 प्रतिशत इलाज 

Sugar ka desi Ilaj Ingredient - दवा बनाने की सामग्री


1. 100 ग्राम मेथी                                                                  4. 100 ग्राम देवदारु
2. 100 ग्राम जामुन की गुठली                                               5. 100 ग्राम गुड़मार
3. 25 ग्राम नीम के पत्ते (छांया में सूखे)

Sugar ka Desi Ilaj - शुगर का 100 प्रतिशत इलाज
Sugar ka Desi Ilaj - शुगर का 100 प्रतिशत इलाज 

सभी को कूट पीस कर पाउडर बना लें और इस चूर्ण को एक कांच की शीशी में भर लें 

Sugar ka Desi Ilaj Dose - दवा लेने का तरीका 

देखिये दवा लेने से पहले आपको चेक करना है की आपका शुगर लेवल कितना है , चैक करने का सबसे अच्छा तरीका है मानो अंग्रेजी दवा लेने के बाद आपकी शुगर 150 आ रही है तो उसमे 200 और जोड़िये इस तरह आपका लेवल 350 हो गया , दोस्तों अंग्रेजी दवायें शुगर मेन्टेन करती हैं, ठीक नहीं करती l अब जिनकी शुगर 300 से कम है उनको खाना खाने के 1 घंटे बाद इस पाऊडर की आधा चम्मच गुनगुने पानी के साथ सुबह-शाम लेनी है , जिनकी 300 से ज्यादा है उनको पूरी चम्मच लेनी है सुबह-शाम l


अंग्रेजी दवा कैसे छोड़नी है 


अंग्रेजी दवाएं एक दम न छोड़ें , हर 15 दिन में इन दवाओं को आधा करते रहें और 2 महीने इन दवाओं को पूरी तरह बंद कर दें l


दिनचर्या 

सुबह उठकर 1 लोटा पानी पीना है , पानी गिलास से नहीं पीना है और पानी के साथ 1 चम्मच त्रिफला लेना है , त्रिफला घर पर बना हुआ होना चाहिए 

त्रिफला बनाने की विधि : 

100 ग्रामं हरड़                  200 ग्रामं बहेड़ा                 300 ग्रामं आवला 

सभी को कूट - पीस कर चूर्ण बना लें , बाजार वाले में बहुत मिलावट होती है l 


दोस्तों आपको बता दें की त्रिफला आपको शौच जाने से पहले ही लेना है , इसे लेने के बाद हो सकता है आपको    2 -3 बार शौच जाना पड़े तो घबराएं नहीं, इसके बाद शौच आदि से निबट कर आपको नीम की दातुन करनी है ,रोजाना न भी कर सको तो हफ्ते में 2 दिन तो जरूर करनी है , देखिये नीम की दातुन न मिले तो आप अर्जुन , शीशम , बबूल , पीपल में से जो मिले से करिये l अब प्राणायाम कीजिये , या घर का कोई काम कीजिये , कहने का मतलब बस यही है की शरीर से पसीना निकलना चाहिए l


  कच्ची प्याज  20 - 30  ग्राम 
लहसुन - 4 कली रात को पानी में भिगोनि हैं 
मेथी - 1 चम्मच रात को पानी में भिगोनि हैं 


अब आपको शौच , दातुन आदि से निबट कर मेथी को चबाचबा कर खाना है , जिनके दांत नहीं हैं वो पत्थर की सिलोटिया (सिलबट्टा ) पर पीस कर चाटिये , फिर आपको 4कली जो लहसुन की भिगोई थीं वो भी इसी तरह लेनी हैं ,प्याज भी आपको ऐसे ही सेवन करना है , ऐसे नहीं खा पाएं तो प्याज आप सलाद में भी ले सकते हैं , मात्रा वही  20-30 ग्राम

मित्रों अब नहा धो कर आपको कम से कम 500 से 600 ग्राम फल खाने हैं , और ये फल भोजन से आधे घंटे पहले खाने हैं , खट्टे फलों को ज्यादा प्राथमिकता दें , जिस फल का मन करे खाइये , डरना नहीं है की फलाने फल को खाने से लेवल बढ़ जाएगा , अनार अंगूर ,केला जो मन करे खाइये , खट्टे फलों को ज्यादा प्राथमिकता दीजिये 


भोजन में क्या लेना है : 

गेहूं और चावल को खाने में से बिलकुल हटा दो , जौ, चना, मक्का इनके पिसे आटे की रोटी खानी है , सब्जी में रिफाइंड का प्रयोग भूल कर भी नहीं करना है, सरसो , तिल के तेल में बनाइये या देशी गाय के घी को सब्जी बनाने में प्रयोग में लाइए

Sugar ka Desi Ilaj - शुगर का 100 प्रतिशत इलाज
Sugar ka Desi Ilaj - शुगर का 100 प्रतिशत इलाज 

खाना खाने के आधे घंटे बाद आधी चम्मच जीरा खाएं
खाना खाने के डेढ़ घंटे बाद तस्सली से बैठ कर घूंट घूंट कर पानी पीना है
दोपहर में मूली, चकुंदर, प्याज, टमाटर, गाजर, खाएं
शाम को जौ का दलिया, मूंग ,उबले हुए मूंग खा सकते हैं

दोस्तों अगर आप ये रूटीन अपना लेते हैं तो  5 से 6 महीने में शुगर जड़ से खत्म हो जाएगी और ये दोबारा न हो उसके लिए आपको खुद पर कण्ट्रोल रखना होगा , आपको ये परहेज करने हैं अगर दोबारा बीमार नहीं होना चाहते तो - चाय, कोफ़ी, कोल्ड्रिंग, चीनी , मेदा, मेदा से बने सामान, फ़ास्ट-फ़ूड, हो सके तो खाना मिट्टी के ll 
''अंत में हम यही कहेंगे के जीना - मरना तो ऊपर वाले के हाथ में है , लेकिन आप देशी पद्धति अपना कर एक बेहतर जीवन का आनंद उठा सकते है।  ''

''अंत में हम यही कहेंगे के जीना - मरना तो ऊपर वाले के हाथ में है , लेकिन आप देशी पद्धति अपना कर एक बेहतर जीवन का आनंद उठा सकते है।  ''

No comments

Powered by Blogger.